जिले के लिए वरदान बनी 102 एम्बुलेंस सेवा
- शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिल रही त्वरित स्वास्थ्य सुविधा
बेतिया। जिले के सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों वाले पश्चिमी चम्पारण जिले में 102 एम्बुलेंस सेवा लोगों के लिए भरोसेमंद स्वास्थ्य सहायता बनकर उभरी है। राज्य सरकार के सहयोग से जेन प्लस द्वारा 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा संचालित हो रही है। इस सेवा के माध्यम से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
पश्चिमी चम्पारण जिले में वर्तमान समय में कुल 72 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं। इनमें 19 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ए एल एस ए), 49 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बी एल एस ए) एम्बुलेंस तथा 4 शव वाहन शामिल हैं। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से लैस ये एम्बुलेंस हर दिन जरूरतमंद मरीजों तक त्वरित सहायता पहुंचा रही हैं। अप्रैल 2026 के दौरान जिले में कुल 4,415 मामलों में 102 एम्बुलेंस सेवा द्वारा सहायता प्रदान की गई। इनमें 2,909 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि 62 नवजात शिशुओं को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा 237 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 1,207 अन्य गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर इलाज उपलब्ध कराया गया।
वहीं आरबीएसके तहत भी दिनरात ह्रदय रोग के गंभीर बच्चों को आईजीआईसी, एम्स, आईजीआईएमएस संस्थानों में पहुंचाया जाता है। जिससे उनको समय पर चिकित्सा का लाभ मिलता है।
ज़ेन प्लस के प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि, "जिले के कई दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में पहले मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब 102 सेवा के सक्रिय संचालन से लोगों को आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल रही है।"
पश्चिमी चम्पारण के एम्बुलेंस कंट्रोल ऑफिसर नितेश सिंह ने बताया कि 102 एम्बुलेंस सेवा के प्रभावी संचालन से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है। गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर मरीजों के लिए यह सेवा राहत और भरोसे का माध्यम बनती जा रही है, जिससे लोगों का विश्वास आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार बढ़ रहा है।
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