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    टास/आईडीए इम्पैक्ट सर्वे गतिविधि संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

    •आरएमआरआईएमएस में आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम 

    •राज्य फ़ाइलेरिया कार्यालय एवं पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ कार्यशाला का आयोजन 

    पटना- राज्य के 12 जिलों में कुल 89 इम्प्लीमेंटेशन यूनिट ( शहरी एवं ग्रामीण प्रखंड ) में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण फ़ाइलेरिया की संक्रमण दर 1 से कम पायी गयी है. चयनित जिलों के इम्प्लीमेंटेशन यूनिट में ट्रांसमिशन अस्सेस्मेंट सर्वे-1 एवं आईडीए इम्पैक्ट सर्वे के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला निर्धारित की गयी थी. मालूम हो कि 29 अप्रैल को आईडीए इम्पैक्ट सर्वे के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, पटना कार्यालय में आईडीए जिलों अरवल, दरभंगा और गया जिलों के पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी थी. इसी क्रम में गुरुवार को अगम कुआँ स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज में में ट्रांसमिशन अस्सेस्मेंट सर्वे-1 में शामिल जिलों अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, नालंदा, पटना और सुपौल जिलों के पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी. 

    कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए आरएमआरआईएमएस के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडेय ने कहा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि जिलों के इम्प्लीमेंटेशन यूनिट टास-1 के लिए क्वालीफाई किए हैं. यह दर्शाता है कि सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का साकारात्मक प्रभाव दिख रहा है. राज्य सरकार ने सभी जरुरी संसाधन जिलों को उपलब्ध कराए हैं और यह आपकी जिम्मेदारी है कि टास-1 सर्वे सफलतापूर्वक संपादित किया जाए. 

    प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ. राजेश पांडेय ने टास-1 सर्वे के दौरान इस्तेमाल में लाये जाने वाले सभी फॉर्मेट की विस्तार से जानकारी दी. साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम द्वारा सैंपल कलेक्शन स्ट्रिप के सही इस्तेमाल के बारे में भी विस्तार से बताया गया. पिरामल फाउंडेशन के टेक्निकल डायरेक्टर, डॉ. इंद्रनाथ बनर्जी ने प्रतिभागियों को टास-1 सर्वे को सफल बनाने की रणनीति बताई और सभी जिलों के उपस्थित पदाधिकारियों से सर्वे को सफल बनाने की अपील की. 

    कार्यशाला में चयनित जिलों के जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, एक-एक वीडीसीओ और लैब तकनीशियन शामिल हुआ. साथ ही इस अवसर राज्य फ़ाइलेरिया सलाहकार डॉ. अनुज सिंह रावत, आरएमआरआईएमएस के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार और डॉ. अनुराग पप्पू, पिरामल फाउंडेशन के जिला एवं राज्य स्तरीय सदस्य तथा सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

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