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    दानापुर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर: 219 लोगों ने उठाया लाभ, महिलाओं की रही प्रमुख भागीदारी

    •⁠  ⁠देश में वापस आकर लोगों की सेवा करना उत्साहित करता है: डॉ. साकेत 

    •⁠  ⁠स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ ‘हेल्थ सीकिंग बिहेवियर’ को बढ़ावा देने की पहल

    •⁠  ⁠स्वस्थ समाज की बुनियाद पर ज़ोर 

    पटना: दानापुर प्रखंड के हथियाकांध पंचायत स्थित मिनी ब्लॉक में “सहयोगी” संस्था द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस शिविर ने स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की।

    शिविर में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. साकेत सिन्हा (एमडी) एवं डॉ. गीता गुप्ता (एमडी) अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक परामर्श के साथ दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध कराईं। इस दौरान सामान्य बीमारियों के साथ-साथ महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेष फोकस रखा गया।

    219 लोगों ने उठाया लाभ: 

    इस शिविर में कुल 219 लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं उपचार का लाभ उठाया, जिनमें महिलाओं और लड़कियों की संख्या सबसे अधिक रही। यह भागीदारी इस बात का संकेत है कि यदि स्वास्थ्य सेवाएं नजदीक और सुलभ हों, तो महिलाएं भी आगे बढ़कर अपनी स्वास्थ्य जरूरतों को प्राथमिकता देती हैं।

    देश में वापस आकर लोगों की सेवा करना उत्साहित करता है: डॉ. साकेत: 

    डॉ. साकेत सिन्हा, जो अमेरिका के इंडियाना राज्य में आंतरिक चिकित्सा (इंटरनल मेडिसिन) के चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं, हर वर्ष भारत लौटकर सेवा कार्यों में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि अपने देश के लोगों की सेवा करना मेरे लिए भावनात्मक संतोष का विषय है। सीमित संसाधनों में भी लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ एक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता भी है।

    डॉ. गीता गुप्ता ने भी इस तरह के शिविरों की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि समय पर जांच और परामर्श से कई बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे आगे चलकर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

    महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरुरी:

    सहयोगी संस्था की कार्यकारी निदेशक रजनी ने इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में आज भी महिलाओं और लड़कियों का स्वास्थ्य प्राथमिकता में नहीं होता। वे अक्सर अपने स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को टालती रहती हैं, जिसका प्रभाव उनके समग्र जीवन पर पड़ता है। हमारी संस्था का उद्देश्य इस सोच को बदलना है। हम चाहते हैं कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग हों और समय पर जांच एवं उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि एक जागरूकता अभियान का हिस्सा है। हम विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों में ‘हेल्थ सीकिंग बिहेवियर’ को बढ़ावा देना चाहते हैं, ताकि वे बिना झिझक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें। आने वाले समय में हम इस तरह की पहल को और विस्तार देंगे, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    शिविर के अंत में सहयोगी की टीम ने डॉ. साकेत सिन्हा, डॉ. गीता गुप्ता एवं पूरी चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की अपेक्षा जताई।

    यह शिविर न केवल उपचार का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में उभरा।

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