यक्ष्मा उन्मूलन में धर्म गुरुओं की भूमिका अहम- सीडीओ
-टीबी और एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
सीतामढ़ी: जिले में यक्ष्मा (टीबी) उन्मूलन को गति देने के उद्देश्य से सिविल सर्जन सीतामढ़ी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्म गुरुओं को आमंत्रित कर टीबी एवं एचआईवी से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी द्वारा धर्म गुरुओं से अपील की गई कि वे अपने अनुयायियों एवं समाज के लोगों को इन बीमारियों के प्रति जागरूक करें तथा लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच कराने के लिए प्रेरित करें।
सिविल सर्जन ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा जिले को तीन नए अल्ट्रा पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके माध्यम से आगामी माह से गांव-गांव जाकर जांच शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने धर्म गुरुओं से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी जांच सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने यह भी बताया कि यक्ष्मा की पुष्टि होने पर मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों से निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही सरकार द्वारा ‘निक्षय पोषण योजना’ के अंतर्गत मरीजों को ₹1000 प्रति माह की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है।
इस बैठक में जिले के विभिन्न मठों के मठाधीश, मंदिरों के पुजारी, मस्जिदों के इमाम, प्रजापति ब्रह्म कुमारी संस्थान एवं कबीरपंथी मठ के सदस्य सहित लगभग 50 धर्म गुरु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला यक्ष्मा केंद्र के डीपीसी रंजय कुमार, डीईओ सह लेखापाल रंजन शरण, एलटी मोहम्मद शमी, आजाद, संजीत कुमार, राजेश कुमार, कामेश्वर कुमार, रवि, कृष्ण मोहन सहित अन्य कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा।
No comments