वैशाली के तीन मासूमों के जीवन में लौटेगी 'आवाज़'
-कोक्लियर इम्प्लांट के लिए कानपुर रवाना
वैशाली : वैशाली जिले के तीन मूक-बधिर बच्चों के जीवन में अब खुशियों की नई गूँज सुनाई देगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत संचालित 'बाल श्रवण योजना' के अंतर्गत जिले के तीन बच्चों- राघव कुमार पांडेय, रिहान कुमार और रितिका राज को निशुल्क कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए चयनित किया गया है।
पटना समाहरणालय में डीएम ने दी विदाई:
सोमवार को इन बच्चों को 102 एम्बुलेंस के माध्यम से सहदेई बुजुर्ग प्रखंड से पटना समाहरणालय भेजा गया। इस दौरान जिला समन्वयक डॉ. शाइस्ता और सहदेई प्रखंड के फार्मासिस्ट नवीन कुमार विशेष रूप से साथ रहे। पटना पहुँचने पर जिलाधिकारी ने बच्चों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को सफल ऑपरेशन के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं और उन्हें बेहतर भविष्य का भरोसा दिलाया।
कानपुर में होगा निशुल्क ऑपरेशन:
प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद, इन बच्चों को पटना से ट्रेन के माध्यम से कानपुर भेजा जाएगा। वहाँ ईएनटी मल्होत्रा फाउंडेशन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इन बच्चों की कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च सरकार की 'बाल श्रवण योजना' के तहत वहन किया जा रहा है।
क्या है बाल श्रवण योजना:
बाल श्रवण योजना के तहत जन्म से मूक-बधिर (सुनने और बोलने में असमर्थ) बच्चों की पहचान कर उनकी निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। आरबीएसके की टीम स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्क्रीनिंग कर ऐसे बच्चों को चिह्नित करती है। कोक्लियर इम्प्लांट एक आधुनिक चिकित्सा पद्धति है, जिसके सफल होने के बाद बच्चे सामान्य रूप से सुनने और बोलने में सक्षम हो जाते हैं।
डॉ. शाइस्ता, डीसी आरबीएसके ने कहा कि "आरबीएसके” की टीम बच्चों के स्वास्थ्य और उनके बेहतर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है। इन बच्चों की सर्जरी के बाद स्पीच थेरेपी भी दी जाएगी ताकि वे सामान्य बच्चों की तरह समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।"
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