फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर रौतिनिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि ने की बैठक, मरीजों ने साझा किए अनुभव
मुजफ्फरपुर: जिले के मरवन प्रखंड अंतर्गत रौतिनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर में गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक और क्षेत्र भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलाकर ने क्षेत्र का दौरा कर हाथीपांव (फाइलेरिया) उन्मूलन अभियान की जमीनी हकीकत जानी और सीएचओ के नेतृत्व वाले रोगी सहायता समूह के सदस्यों के साथ सीधा संवाद किया।
बैठक में डॉ. कमलाकर ने समूह के सदस्यों से उनके जुड़ाव और कार्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की। फाइलेरिया मरीज और समूह की सदस्य कविता देवी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से समूह से जुड़ने के बाद उन्हें साफ-सफाई और व्यायाम के महत्व की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम और उपचार सामग्री के उपयोग से उनके दोनों पैरों की सूजन अब काफी कम हो गई है और पहले की तरह बार-बार बुखार आने की समस्या भी खत्म हो गई है। वहीं, समूह के एक अन्य सदस्य नागेंद्र ओझा ने जानकारी दी कि समूह के सक्रिय प्रयासों से अब तक तीन सदस्यों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाया जा चुका है। इस पर प्रतिनिधि ने निर्देश दिया कि जिन पात्र मरीजों का प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बना है, उनका आवेदन जल्द सुनिश्चित कराया जाए।
बैठक के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस बार समुदाय में दवा सेवन को लेकर काफी सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। जो लोग पिछली बार दवा खाने से कतरा रहे थे, वे भी इस बार सीएचओ के नेतृत्व वाले रोगी सहायता समूह के सदस्यों के सहयोग और जागरूकता के कारण स्वेच्छा से दवा खा रहे हैं। समूह के सदस्यों ने बताया कि वे हर महीने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नियमित बैठक कर फाइलेरिया प्रबंधन पर चर्चा करते हैं। इस अवसर पर जिला और प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी एवं विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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