फाइलेरिया (हाथी पाँव) से बचाव हेतु सभी योग्य एवं स्वस्थ लोगों को खिलाई जाएगी सर्वजन दवा
-10 फरवरी से चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान
- सदर अस्पताल से जिलाधिकारी दवा खाकर करेंगे अभियान की शुरुआत
- एचएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहित कई विभागों के कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
मोतिहारी। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी कर ली गईं है। जिले भर में यह अभियान 10 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक कुल 17 दिनों तक संचालित किया जाएगा। ये बातें सिविल सर्जन डॉ दिलीप कुमार ने कही। सदर अस्पताल मोतिहारी से जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल खुद सर्वजन दवा सेवन कर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। 10 फ़रवरी को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रभारी, सीएचओ के देखरेख मे स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा लोगों को सर्वजन दवा खिलाई जाएगी वहीँ 11 फरवरी को राज्य व्यापी मेगा कैंप के तहत जिले में भी मेगा कैंप लगेगा। इसमें डीए टीम द्वारा माइक्रोप्लान के अनुसार उस क्षेत्र के आंगनबाड़ी सेंटर पर बूथ लगाया जाएगा। इस कैंप में जीविका के एसएचजी मेंबर बूथ पर अपने परिवार और आस पास के लोगों के साथ आएंगी और फाइलेरिया रोधी दवाएं खाएंगी। वहीँ कई उप स्वास्थ्य केंद्र मे मुखिया या अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ रोगी हित धारक मंच के सदस्य भी खुद दवा खाके लोगों को जागरूक करने मे सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस दौरान लोगों को पोस्टर, पम्पलेट्स, फोटो, व्हाट्सप्प ग्रूप के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
पहले चरण में 10 फरवरी से 24 फरवरी तक स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। जबकि दूसरे चरण में 25 से 27 फरवरी तक स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, फैक्ट्री, ईंट भट्ठा, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी। अभियान के तहत उम्र अनुसार दो प्रकार की दवाएं दी जाएंगी जिनमें अल्बेंडाजोल, डीईसी शामिल हैं। एल्बेंडाजोल की एक गोली 2 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों को दी जाएगी। डीईसी की खुराक उम्र के अनुसार तय की गई है जिसमें 2 से 5 वर्ष के लिए एक गोली, 6 से 14 वर्ष के लिए दो गोली और 15 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए तीन गोलियां निर्धारित हैं।
खाली पेट दवा नहीं खाने की अपील
जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि दवा को कभी भी खाली पेट नहीं लेना है। इसके साथ ही 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और एक सप्ताह के भीतर प्रसव कराने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं दी जाएगी। दवा लेने के बाद यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है,ये शुभ संकेत हैं। ये मामूली से दिखने वाले प्रतिकूल प्रभाव स्वतः ठीक हो जाते हैं।
रैपिड रिस्पांस टीम का गठन
चिरैया, मधुबन, संग्रामपुर, चकिया प्रखंड सहित विभिन्न प्रखंडो मे एचएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहित कई विभागों के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया ताकि लोग अभियान मे सहयोग करें, भर्मित न हो। इस दौरान स्वास्थ्य प्रबंधक जियाउल हक, बीसीएम दीपक कुमार ने पीएचसी मे स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। वहीँ उन्होंने प्रभारी डॉ श्याम पासवान के निर्देश अनुसार प्रतिकूल प्रभाव या आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है।ताकि अधिक से अधिक लोग घर, स्कुल एवं कम्युनिटी मे दवा का सेवन करें।उन्होंने सभी हेल्थ ऑफिसर को प्रशिक्षित किया की दवा सेवन कार्यक्रम मे कोताही नहीं बरती जाएगी। मौके पर स्वास्थ्य कर्मी एवं सहयोगी संस्था पिरामल, डब्लूएचओ, सिफार के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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