एनबीएस के दौरान जिले में 19 माइक्रो फाइलेरिया मरीज मिले
-महुआ और चेहरकलां में सर्वजन दवा सेवन अभियान, बाकी प्रखंडों में होगी प्री-टास एक्टिविटी
वैशाली। फाइलेरिया का प्रसार दर पता करने के लिए जिले में 25 से 29 नवंबर 2025 तक नाइट ब्लड सर्वे (रात्रि रक्त पट्ट संग्रह) अभियान चलाया गया था। जिसमें प्रत्येक प्रखंड/आईयूं से 600-600 बल्ड स्लाइड (रक्त पट्ट) संग्रह कर जिला स्तर पर जांच किया गया। जिसमें 55 लोग माइक्रो फाइलेरिया पॉजिटिव पाए गए। एसपीओ, फाइलेरिया, पटना के प्रदत पत्र के अनुसार सभी प्रखंडों/आईयूं का 10 प्रतिशत नेगेटिव स्लाइड एवं 100 प्रतिशत पॉजिटिव स्लाइड को क्रॉस वैलिडेशन (प्रति-परीक्षण) के लिए आरएमआरआईएमएस, पटना भेजा गया था।
आरएमआरआईएमएस से प्राप्त प्रति-परीक्षण रिपोर्ट में सिर्फ 19 मरीज ही माइक्रो फाइलेरिया पॉजिटिव पाए गए एवं दो प्रखंड/आईयूं महुआ एवं चेहरकलां में ही माइक्रो फाइलेरिया प्रसार दर एक से ज्यादा पाया गया।
जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने बताया कि फाइलेरिया नियंत्रणार्थ प्रत्येक वर्ष 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम वैसे प्रखंडों/आईयूं में चलाया जाता है जहां माइक्रो फाइलेरिया का प्रसार दर एक से ज्यादा हो। इस वर्ष सिर्फ दो प्रखंडों महुआ एवं चेहरकलां में ही सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम आयोजित की जाएगी। शेष प्रखंडों/आईयूं में एनसीभीबीडीसी, भारत सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार प्री-टास एक्टिविटी की जानी है। जिसमें प्रत्येक प्रखंड से 900 बल्ड स्लाइड एकत्रित किया जाएगा।
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