किसी भी प्रकार का खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करे 6201984873

  • Breaking News

    मंडल कारा में बंदियों को खिलाई गयी फाइलेरिया की दवा

    मंडल कारा में बंदियों को खिलाई गयी फाइलेरिया की दवा

     

    - कारा प्रशासन ने भी खायी एमडीए की दवा 

    - 8 से 10 साल उभरने में लगते हैं लक्षण

    सीतामढ़ी। 8 अक्टूबर 

    फाईलेरिया मुक्ति अभियान से कारा मे संसीमित लोग वंचित न रहें इसके लिए मंडल कारा, सीतामढ़ी मे शुक्रवार को सर्वजन दवा सेवन के तहत डीईसी और एलवेंडाजोल की दवा खिलाई गयी। सबसे पहले कारा अधीक्षक एवं चिकित्सा पदाधिकरी तथा कारा प्रशासन के लोगों ने दवा खाई और फिर उपस्थित बंदियों द्वारा दवा का सेवन किया गया।

    इस मौके पर जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी द्वारा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के उद्धेश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि फाईलेरिया एक संक्रामक रोग है जो क्यूलेक्स मच्छर द्वारा संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ्य व्यक्ति मे फैलता है और 8 से 10 वर्षों मे धीरे धीरे हाथीपाँव या हाईड्रोसील का रूप ले लेता है। हाथीपाँव हो जाने के बाद ईलाज लगभग असंभव है ,परन्तु इससे बचाव बिल्कुल आसान है- साल मे एक खुराक डीईसी एवं अल्बेन्डाजोल।

    10 साल में उभरते हैं रोग  

    डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि इस बीमारी में आप दिखते स्वस्थ्य है पर आपके शरीर में माइक्रोफाइलेरिया पनप रहे होते हैं जो लगभग 8 से 10 साल में फाइलेरिया बीमारी के रूप में परिलक्षित होते हैं। इसीलिए दवा सबको खानी चाहिए ताकि आने वाले दिनो मे समाज फाईलेरिया मुक्त हो सके । 

    अंत मे कारा अधीक्षक ने इस महत्वपूर्ण जानकारी व कार्यक्रम के लिए पूरी टीम को धन्यावाद दिया। सभी संसीमित बंदियों के लिए पर्याप्त मात्रा मे दवा कारा प्रशासन को उपलब्ध करा दिया गया है जिसे कारा चिकित्सक व फारमासिस्ट की उपस्थिति मे खिलाया जायेगा। कारा अधीक्षक, मनोज कुमार सिन्हा, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डुमरा के प्रभारी डॉ धनंजय कुमार, प्रभारी कारा चि० पदाधिकारी, डा अक्षय कुमार की उपस्थिति मे संसीमीत बंदियों को " सर्वजन दवा सेवन " कार्यक्रम के तहत डीईसी और अल्बेन्डाजोल की एक खुराक खिलाई गई।

    किसे नहीं खानी है दवा 

    डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों तथा गर्भवती स्त्रियों को यह दवा नहीं खानी है। वहीं इससे बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

    No comments

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728