एएचए (AHA) ट्रेनिंग से बदलेगी पश्चिमी चंपारण की तस्वीर, अस्पतालों में होंगे हाई-स्किल्ड स्वास्थ्यकर्मी
-बिहार का पहला एएचए इंटरनेशनल ट्रेनिंग सेंटर पटना में स्थापित
-इमरजेंसी हेल्थकेयर में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण से बढ़ेगी मरीजों की सुरक्षा
-102 एम्बुलेंस सेवा ने मई माह में 4,324 मरीजों को पहुंचाई समय पर चिकित्सा सहायता
बेतिया। पश्चिमी चंपारण में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से ज़ेन प्लस सर्विसेज द्वारा संचालित यह सेवा मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए भी नई पहल कर रही है।
इसी क्रम में ज़ेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड ने 2 जून को पटना में बिहार के पहले अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) इंटरनेशनल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की है। इस केंद्र के माध्यम से एम्बुलेंस कर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स को वैश्विक मानकों के अनुरूप जीवनरक्षक कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी तथा अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने से अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और चिकित्सा संस्थानों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। अब पश्चिमी चंपारण सहित बिहार के लोगों को इमरजेंसी हेल्थकेयर एजुकेशन के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पटना के ए.जी. कॉलोनी स्थित एएचए ट्रेनिंग सेंटर में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।
मई 2026 के दौरान 102 एम्बुलेंस सेवा ने पश्चिमी चंपारण जिले में कुल 4,324 मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान की। इनमें 2,924 गर्भवती महिलाएं, 65 नवजात एवं गंभीर मरीज, 229 सड़क दुर्घटना पीड़ित तथा 1,106 अन्य मरीज शामिल रहे। सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और बेहतर संचालन व्यवस्था के कारण जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
ज़ेन प्लस के बिहार प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार में एएचए ट्रेनिंग सेंटर जैसी पहलें कुशल स्वास्थ्यकर्मियों के निर्माण, इमरजेंसी केयर को सशक्त बनाने तथा हेल्थकेयर एजुकेशन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बिहार और पड़ोसी राज्यों के डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, मेडिकल छात्रों तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स को एडवांस इमरजेंसी केयर ट्रेनिंग उपलब्ध कराकर रोजगार के बेहतर अवसर भी प्रदान करेगा।
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