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    जीविका बैठक के दौरान एईएस/जेई, कालाजार एवं फाइलेरिया को लेकर जागरूकता अभियान

    -जीविका दीदियों और समुदाय को दी गई स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी

    -कालाजार मरीजों का फॉलो-अप एवं संदिग्ध मरीजों के समय पर रेफरल पर बल

    -फाइलेरिया मरीजों के लिए एमएमडीपी किट, पेंशन एवं दिव्यांग योजना पर चर्चा

    शिवहर। जिले के पिपराही प्रखंड अंतर्गत ग्राम कुम्मा में आयोजित जीविका सीएलएफ बैठक में वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम एवं जागरूकता को लेकर विशेष चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता जीविका के सामुदायिक समन्वयक आलोक कुमार ने की। इस अवसर पर भीबीडीएस अमरेंद्र कुमार सिंह तथा पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम ऑफिसर नवीन कुमार मिश्रा मौजूद रहे।

    बैठक के दौरान जीविका दीदियों एवं ग्रामीण समुदाय को एईएस/जेई (चमकी बुखार), कालाजार एवं फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि साफ-सफाई, मच्छर नियंत्रण तथा संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और रेफरल से इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

    फाइलेरिया मरीजों को योजनाओं की जानकारी:

    कार्यक्रम में फाइलेरिया से प्रभावित मरीजों के लिए उपलब्ध एमएमडीपी किट, दिव्यांग प्रमाण पत्र तथा पेंशन योजना के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

    कालाजार मरीजों का फॉलो-अप भी किया गया:

    बैठक के साथ-साथ पूर्व में उपचारित कालाजार मरीजों का फॉलो-अप भी किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनमें पीकेडीएल के लक्षण तो विकसित नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण चिकित्सा प्रदाताओं (आरएचपी) के साथ संदिग्ध भीएल एवं एलएफ मरीजों की पहचान और समय पर रेफरल को लेकर भी चर्चा की गई।

    स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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