उत्तर बिहार में कैंसर एवं हीमोफीलिया मरीजों के लिए “अपना घर” का शुभारंभ
-इंटास फाउंडेशन एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई नई पहल
-मरीजों को निःशुल्क आवास, भोजन और अस्पताल आने-जाने की सुविधा मिलेगी
मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के कैंसर एवं हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों के लिए मंगलवार को एक बड़ी राहत की शुरुआत हुई। इंटास फाउंडेशन एवं होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के संयुक्त सहयोग से आर्मी कॉलोनी, शहबाजपुर, मुजफ्फरपुर में “अपना घर” का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह उत्तर बिहार का पहला ऐसा केंद्र है, जहाँ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क आवास, भोजन एवं अस्पताल आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को रहने, भोजन और अस्पताल तक पहुंचने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। “अपना घर” इन चुनौतियों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से दूर-दराज़ से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को विशेष सहारा मिलेगा।
इंटास फाउंडेशन पहले से ही देश के 45 से अधिक शहरों- जिनमें पटना, रांची और कोलकाता प्रमुख हैं- में इसी प्रकार की सेवाएँ संचालित कर रहा है। मुजफ्फरपुर में इसकी शुरुआत होने से उत्तर बिहार के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। संस्था द्वारा आवास एवं भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ निःशुल्क परामर्श, कौशल विकास सहायता तथा मनोरंजन संबंधी गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को इलाज के साथ मानसिक सहयोग भी मिल सके।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. विकास पाटिल, डॉ. नागेश्वर कुमार, एम.एस.डब्ल्यू. विभाग से गुड्डू कुमार, प्रतिभा भारती, शशिकांत सिंह (यूनिसेफ) एवं वरिष्ठ समाजसेवी शत्रुघ्न प्रसाद सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर इंटास फाउंडेशन की ओर से राहुल सिंह, शालिनी सिन्हा, पलक, रोशन, दीपक, अपर्णा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि “अपना घर” समाज के जरूरतमंद मरीजों के लिए न केवल एक आश्रय स्थल होगा, बल्कि यह उनके लिए उम्मीद, सम्मान और सहारे का भी प्रतीक बनेगा। यह पहल निश्चित रूप से उत्तर बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।
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